Sunday, February 3, 2008

रोज डेली ही क्यों !

निज भान्षा उन्नति अहै,सब उन्नति कै मूल । अगर इस बात पर गौर करें तो निश्चय ही हमारे विकास में अभी वक्त लगेगा । न्यूज़ चैनेलो पर खबर बांचती सुंदर कन्यायें अक्सर `मद्देनज़र देखते हुए ` कहते नही थकती । हद तो तब हो जाती है जब कई गणमान्य तथाकथित शिक्षित महानुभावों को ऐसी गलती करते हुए देखता या सुनता हूँ । कई लोगों को तो आप अक्सर `एकदम सेम ` बोलते हुए सुनते होंगे । हमारे एक बॉस है `दुबारा रिपीट करो ` जरूर बोलते है ।
फ़ोन पर अम्मा बाबूजी अक्सर हिदायत देते रहते है `रोज- डेली `फल-फ्रूट ` खाया करो । थोडा शरीर पर ध्यान दो ।
आशा है नामकरण आप लोगों को पसंद आएगा ।
नोट : मेरा ब्लोग रोज डेली पढना न भूलें ।